Wednesday, January 25, 2017

क्रोध को नियंत्रित कैसे करें: कुछ सुझाव
आप इस बात से परेशान हैं कि क्रोध आपको नियंत्रित करता है न कि आप क्रोध को नियंत्रित कर पाते हैं? आप क्रोध को नियंत्रित करने का कोई उपाय खोज रहे हैं? अगर ऐसा तो ध्यान को आजमाएँ.
क्रोध का प्रतिकार ढूँढ रहें हैं तो ध्यान आजमाएँ
आपने ध्यान दिया होगा कि न जाने आपने कितनी बार खुद को याद दिलाया होगा कि क्रोध करना अच्छा नहीं होता, फिर भी जब ये भाव प्रकट होता है तो आप कुछ भी नहीं कर पाते हैं। पूरे बचपन भर आप यह सीखते रहे कि आपको क्रोध नहीं करना चाहिए लेकिन सवाल यह है कि 'कैसे गुस्से को काबू में करे?' आप क्या करते हैं जब यह क्रोध का तूफान एकाएक आता है?

चलिए क्रोध की उत्पत्ति के मूल कारणों को समझें और कुछ सरल सुझाव देखें जिनसे आप इसे संभाल सकें।
क्रोध को समझें |
आपने देखा होगा कि जब आप अपने आस पास कोई कमी या त्रुटि देखते हैं, तो आप इसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं। जैसे कि जब कोई कुछ ग़लत करता है, आपका क्रोध एक लहर की तरह आता है और शांत हो जाता है। आपको हिला के छोड़ जाता है और कई बार आपको पछतावे के साथ भी छोड़ जाता हैl हाँ कि ना?
जब हम क्रोध में होते हैं हम सजग नहीं होते हैं। क्रोध को नियंत्रण में रखने का पहला कदम यह समझना है कि क्रोध कमियों को ख़त्म नहीं कर सकता है। अगला कदम है कि जब हम स्थिति को जैसी है वैसी ही स्वीकार लें, तभी हम उसे सजगता के साथ सुधार सकते हैं। आप समझ सकते हैं की करने से अधिक कहना आसान है। आप कैसे मन की उस अवस्था में पहुँच सकते हैं, जब ये शब्द आपके अनुभव बन जाएँ। मन या भावनाओं को संभालना कभी आसान नहीं होता है। इसीलिए हमें ऐसी तकनीक चाहिए, जो हमें मदद कर सके।
क्रोध के प्रबंधन के तीन मुख्य पहलू हैं |
मन व शरीर की असहजता | Restlessness in the body and mind
मन में पिछले क्रोध के गहरे संस्कार | Past impressions of anger in the mind which are strong
सजगता व कमी को स्वीकारने की क्षमता का अभाव | Lack of awareness and acceptance of imperfections or mistakes
आइए इन्हें एक एक कर के देखें।
7 युक्तियाँ शरीर और मन में बेचैनी के साथ काम करके अपने गुस्से को काबू में करने के लिए |
जैसा आप खाते हैं वैसे आप होते हैं (जैसा अन्न वैसा मन) |You Are What You Eat!
विश्राम की शक्ति को अनुभव करें |Experience The Power Of Rest!
योग आसन लाभकारी हैं | Yogic Twists Are Good!
मन को अपना मित्र बनाएँ | Make Mind Your Best Friend
हर समय का प्रतिकारक | Your All Time Antidote
२० मिनट की अंतर्यात्रा |A 20-Minute Journey Within
क्या आपने हमम्म गुनगुनाया है? | Have You Hmmed?
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जैसा आप खाते हैं वैसे आप होते हैं ( जैसा अन्न वैसा मन) | You Are What You Eat!
आपने ध्यान दिया होगा कि किसी किसी दिन आप बहुत शांत व विश्राम की अवस्था में होते हैं और किसी दिन बेहद असहज। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारा आहार हमारे मन व भावनाओं को बहुत प्रभावित करता है। कुछ तरह का भोजन मन व शरीर में असहजता व बेचैनी लाता है इस तरह के भोजन से दूर रहने से आपको क्रोध पर नियंत्रण में मदद मिलेगीl माँसाहार, अधिक मसाले वाला व तेलयुक्त आहार इनमें प्रमुख हैं।

2
विश्राम की शक्ति को अनुभव करें | Experience The Power Of Rest!
अगर आप रात में सोए नहीं हैंl तो सुबह कैसा महसूस करेंगे? आप आसानी से क्रोधित हो सकते हैं। शरीर की थकावट व बेचैनी मन में झुंझलाहट व व्यग्रता लाती है। प्रतिदिन ६-८ घंटे सोना बहुत ही महत्वपूर्ण है। ये आपके शरीर व मन का विश्राम निश्चित करता है। और आपके बेचैन होने की संभावना कम होती है।

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योग आसन लाभकारी हैं | Yogic Twists Are Good!
१०-१५ मिनट के योग आसन शरीर की असहजता निकालने में मदद करते हैं। सूर्य नमस्कार के कुछ आवर्तन राउंड्स) एक अच्छी शुरुआत हो सकते हैं। किसी भी शारीरिक व्यायाम से योग आसन का लाभ है कि योग आसान सांस के साथ लयबद्ध होते हैं और शरीर के आवश्यक खिचाव के साथ ऊर्जा का स्तर भी बढ़ाते हैं।
प्रियम खन्ना बताते हैं "किसी किसी दिन जब मैं बहुत तनाव में होता हूँ, मैं अपने शरीर में एक अकड़न महसूस करता हूँ। ये मुझे बहुत असहज व बेचैन कर देता है। और मुझे क्रोध जल्दी आ जाता है। योग शरीर से अकड़न निकल देता है। और परिणामस्वरूप मान शांत व प्रसन्न हो जाता है।"
4
मन को अपना मित्र बनाएँ | Make Mind Your Best Friend
भास्त्रिका व नाड़ी शोधन प्राणायाम मन की बेचैनी को कम करने में मदद करते हैं। जब मन शांत व स्थिर होता है, आपके झुंझलाने या क्रोधित होने की संभावना कम हो जाती है।.
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हर समय का प्रतिकारक | Your All Time Antidote
कुछ गहरी साँसे लेना व छोड़ना आपके क्रोध को तत्काल शांत करता है। जिस क्षण आप क्रोध में हैं, आँखे बंद करें और कुछ गहरी साँसे लें और देखें कि मन की अवस्था में बदलाव आ जाता है। सांस तनाव को दूर करती है और मन को शांत होने में मदद होती है।
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२० मिनट की अंतर्यात्रा |A 20-Minute Journey Within
योग, प्राणायाम का नियमित अभ्यास और आहार पर ध्यान असहजता को शांत करता है। पर मन को शांत व संतुलित अवस्था में लगातार कैसे रखेंl नियमित ध्यान इसका उत्तर हैl बस २० मिनट का प्रतिदिन का ध्यान दिनभर के लिए पर्याप्त है।

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क्या आपने हमम्म गुनगुनाया है? | Have You Hmmed?
ये क्रोध का दूसरा प्रतिकारक है। हमम्म प्रक्रिया एक से दो मिनट लेती है लेकिन आपको तुरंत शांत कर देती है।
श्री श्री रविशंकर जी की ज्ञान वार्ता से उद्धृत
www.artofliving.org
WWW.ARTOFLIVING.OR

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