स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के लिए ध्यान का महत्व
ध्यान करें और देखें आपकी स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली का स्तर बढ़ता है!
मैं कैसे जानूं कि मेरी जीवन शैली स्वास्थ्यप्रद है? मैं कैसे स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के स्तर को माप सकता हूँ? मैं कैसे इसे सुधार सकता हूँ?
मैं कैसे जानूं कि मेरी जीवन शैली स्वास्थ्यप्रद है? मैं कैसे स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के स्तर को माप सकता हूँ? मैं कैसे इसे सुधार सकता हूँ?
क्या ऐसा नही है कि जीवन में हम सभी कभी ना कभी इस विषय में जानने के लिए उत्सुक हुए हैं? जिस तरह आप जीवन जीते है आपकी जीवन शैली वैसी बनती है। एक चीज़ है, जो स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के स्तर के सुधार में मदद करता है, वह है ध्यान। जैसा की हज़ारों लोंगों का अनुभव है। आइए देखें , स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली के कुछ पहलुओं को और ध्यान, इन क्षेत्रों में किस तरह मदद करता है।
#1 स्वास्थ्यप्रद भोजन
विचार करें
कितनी बार मेरे खाने में स्वास्थ्यप्रद चीज़े होती हैं क्या मैं अपने शरीर की आवश्यकता से अधिक या कम तो नही ख़ाता हूँ?
भोजन ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए सही मात्रा व सही प्रकार का भोजन, सही समय पर खाने से आपके स्वास्थ्यपूर्ण जीवन को काफ़ी लंबा करा जा सकता है। ज़्यादातर अपनी रसना के वेग को शांत करने के लिए हम ऐसी चीज़े खा जाते हैं जोकि स्वास्थ्यप्रद नही हैं। कई लोंगों ने यह बताया है कि ध्यान के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्यप्रद भोजन खाना उनके लिए आसान हो गया है।
भोजन ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए सही मात्रा व सही प्रकार का भोजन, सही समय पर खाने से आपके स्वास्थ्यपूर्ण जीवन को काफ़ी लंबा करा जा सकता है। ज़्यादातर अपनी रसना के वेग को शांत करने के लिए हम ऐसी चीज़े खा जाते हैं जोकि स्वास्थ्यप्रद नही हैं। कई लोंगों ने यह बताया है कि ध्यान के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्यप्रद भोजन खाना उनके लिए आसान हो गया है।
#2 नींद की मात्रा व गुणवत्ता
विचार करें
क्या एक लंबी नींद के बाद भी कभी कभी थका हुआ अनुभव करता हूँ ? मैं कितने घंटे सोता हूँ?
जब आप थके होते हैं, आपके मन में क्या पहला विचार आता है कि काश मैं एक झपकी मार लेता। नींद की पर्याप्त मात्रा (७से ८ घंटे)के साथ नींद की
गुणवत्ता ( कितनी गहरी नींद है) भी एक महत्वपूर्ण कारक है। जो आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।जब आप थके होते हैं, आपके मन में क्या पहला विचार आता है कि काश मैं एक झपकी मार लेता। नींद की पर्याप्त मात्रा (७से ८ घंटे)के साथ नींद की
ध्यान आपकी नींद की गुणवत्ता बढ़ाता है , कैसे? अनुपयुक्त नींद का एक मुख्य कारण तनाव है। नियमित ध्यान से तनाव के हारमोन कम हो जाते हैं फलस्वरूप मन शांत होता है और नींद गहरी होती है और ज़्यादा आराम देने वाली होती है।
#3 सक्रिय रहे
विचार करें
कितनी बार मैं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस करता हूँ? कितनी बार दिन में मैं स्वाभाविक
रूप से सक्रिय और प्रसन्न रहता हूँ ?
हमें एक दिन में बहुत सा काम करना होता है और अपनी क्षमता के अनुरूप सबसे अच्छा करना चाहते हैं। किसी दिन हम बहुत सक्रिय होते हैं और किसी दिन आलस लगता है। बहुत से लोग जो नियमित ध्यान का अभ्यास करते हैं वे बताते हैं कि ध्यान उन्हें सहजता से अधिक सक्रिय व दिनभर प्रसन्न रखता है। अगर जब कभी वे थका, अनमना या हताश महसूस करते हैं बस कुछ मिनटों का ध्यान उन्हे पुनः ऊर्जित कर देता है।
रूप से सक्रिय और प्रसन्न रहता हूँ ?
हमें एक दिन में बहुत सा काम करना होता है और अपनी क्षमता के अनुरूप सबसे अच्छा करना चाहते हैं। किसी दिन हम बहुत सक्रिय होते हैं और किसी दिन आलस लगता है। बहुत से लोग जो नियमित ध्यान का अभ्यास करते हैं वे बताते हैं कि ध्यान उन्हें सहजता से अधिक सक्रिय व दिनभर प्रसन्न रखता है। अगर जब कभी वे थका, अनमना या हताश महसूस करते हैं बस कुछ मिनटों का ध्यान उन्हे पुनः ऊर्जित कर देता है।
#4 स्वयं को विश्राम के लिए पर्याप्त समय दें
विचार करें
मैं प्रतिदिन खुद को कितना समय देता हूँ वो सब करने के लिए जो मैं पसंद करता हूँ, जो मुझे आराम देता है?
क्या आपने ध्यान दिया है कि आपकी उत्पादकता बढ़ जाती है जब आप मन व शरीर को विश्राम का अवसर देते हैं ? लेकिन अक्सर हम शिकायत करते हैं कि हमारे पास बिल्कुल समय नहीं है, बहुत काम करना है, हैं ना? खुद को विश्राम देने का एक अच्छा तरीका ध्यान है, बस आँख बंद करके २० मिनट बैठने से आपका मन ठहरता है और शांत हो जाता है ।
क्या आपने ध्यान दिया है कि आपकी उत्पादकता बढ़ जाती है जब आप मन व शरीर को विश्राम का अवसर देते हैं ? लेकिन अक्सर हम शिकायत करते हैं कि हमारे पास बिल्कुल समय नहीं है, बहुत काम करना है, हैं ना? खुद को विश्राम देने का एक अच्छा तरीका ध्यान है, बस आँख बंद करके २० मिनट बैठने से आपका मन ठहरता है और शांत हो जाता है ।
ध्यान के साथ खुद को विश्राम देने के और भी तरीके हो सकते हैं। कोई शौक या कुछ भी जो आपको विश्राम दे। जैसे किताब पढ़ना, पालतू जानवर के साथ खेलना। अच्छी बात यह है कि ध्यान आपकी कार्यक्षमता को बढ़ाता है। जिससे आप काम को पहले के मुक़ाबले जल्दी ख़त्म कर लेते हैं और अवकाश के लिए ज़्यादा समय निकाल पाते हैं।
#5 अपने काम में आनंद
विचार करें
मै हर सुबह काम के लिए खुशी से निकलता हूँ या फिर यह सोचता हूँ हे भगवान आज फिर काम पर जाना है?
ज़रा सोचिए, अपने काम से आप सबसे ज़्यादा कब खुश होते हैं? एक जब वो काम आपके मन का हो, लेकिन ऐसा तब भी होता है जब आप अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। क्योकि जब आप अच्छा काम करते हैं, आप संतुष्ट होते हैं और वह संतुष्टि आपको प्रसन्न करती है।
ज़रा सोचिए, अपने काम से आप सबसे ज़्यादा कब खुश होते हैं? एक जब वो काम आपके मन का हो, लेकिन ऐसा तब भी होता है जब आप अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। क्योकि जब आप अच्छा काम करते हैं, आप संतुष्ट होते हैं और वह संतुष्टि आपको प्रसन्न करती है।
अपना श्रेष्ठतम कैसे करें? एक उत्तर है, ध्यान। साधारण तरीका है, एकाग्रता से कार्यक्षमता। कार्यक्षमता से उत्पादकता। और आपके द्वारा किया गया बढ़ा हुआ कार्य कार्य संतुष्टि बढ़ाता है।
#6 अच्छा सामाजिक स्वास्थ्य
विचार करें
मेरे कितने मित्र हैं? मेरे उनसे किस तरह के संबंध हैं मेरे मित्रों की संख्या बढ़ रही है या घट रही है?
आपने सुना होगा कि मानव एक सामाजिक प्राणी है। हमारे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सामाजिक स्वास्थ्य है, हम किस तरह लोंगों से मिलजुल कर रहते हैं यह इस पर आधारित है। ये हमेशा अच्छा होता है कि हमारे आस पास ऐसे लोग हों जिनसे हम अपने सुख दुख बाँट सके। ज़रूरत के दिनों में आप अपने समाज से मदद भी ले सकते हैं।
आपने सुना होगा कि मानव एक सामाजिक प्राणी है। हमारे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सामाजिक स्वास्थ्य है, हम किस तरह लोंगों से मिलजुल कर रहते हैं यह इस पर आधारित है। ये हमेशा अच्छा होता है कि हमारे आस पास ऐसे लोग हों जिनसे हम अपने सुख दुख बाँट सके। ज़रूरत के दिनों में आप अपने समाज से मदद भी ले सकते हैं।
तो हम कैसे एक अच्छा सामजिक दायरा बना सकते हैं। समाज में उठना बैठना और लोंगों से मित्रता करना हमारा स्वाभाव है। और हम इस गुण को सदैव बढ़ा सकते हैं। ध्यान हमें दूसरों के प्रति संवेदनशील बनाता है। यह हममें स्वीकार्यता का गुण भी विकसित करता है। हमारे संवाद व अभिव्यक्ति को सुधारता है।इन सब गुणों के साथ हम लोंगों के साथ अच्छे संबंध बना सकते हैं और एक स्वास्थ्यपूर्ण सहभागिता का प्रारंभ होता है।
#7 कम बीमार रहें
विचार करें
विचार करे: आप कितनी बार बीमार होते हैं?
एक स्तर पर ध्यान हमारी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाता है और बीमार होने की संभावना को कम करता है। दूसरे स्तर पर अगर आप बीमार हैं तो ध्यान आपके स्वस्थ होने की प्रक्रिया को त्वरित करता है।
एक स्तर पर ध्यान हमारी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाता है और बीमार होने की संभावना को कम करता है। दूसरे स्तर पर अगर आप बीमार हैं तो ध्यान आपके स्वस्थ होने की प्रक्रिया को त्वरित करता है।
ध्यान की कुछ सलाह
हम सभी स्वस्थ रहना चाहते हैं ठीक है? उपरोक्त बातों पर विचार करते रहें ये आपको ध्यान से होने वाले सकारात्मक बदलावों को देखने में मदद करेंगें।
कम से कम एक बार ध्यान अवश्य करें।आप खुद ब खुद ध्यान शुरू कर सकते हैं या किसी विशेषज्ञ से भी सीख सकते हैं। एक विशेषज्ञ आपको ध्यान के गहरे अनुभव करने में सहयोग करेगा ।.
आप अपने ध्यान मित्र बना सकते हैं। जिनके साथ मिलकर आप ध्यान कर सकते हैं।ध्यान मित्र आपके अभ्यास को नियमित रखने मे मदद करते हैं।
कम से कम एक बार ध्यान अवश्य करें।आप खुद ब खुद ध्यान शुरू कर सकते हैं या किसी विशेषज्ञ से भी सीख सकते हैं। एक विशेषज्ञ आपको ध्यान के गहरे अनुभव करने में सहयोग करेगा ।.
आप अपने ध्यान मित्र बना सकते हैं। जिनके साथ मिलकर आप ध्यान कर सकते हैं।ध्यान मित्र आपके अभ्यास को नियमित रखने मे मदद करते हैं।
श्री श्री रविशंकर जी की ज्ञान वार्ता से उद्धृत
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