Tuesday, June 14, 2016

प्रश्न : प्रिय गुरुदेव, मैं शाकाहारी आहार अधिक समय तक नहीं खा पाता | मैं शाकाहारी प्रोटीन खाता हूँ, पर वह पर्याप्त नहीं होता | मुझे फिर भी मांसाहारी भोजन की तीव्र इच्छा रहती है और उसे खाने के बाद मुझे अच्छा लगता है | मैं शाकाहारी भोजन करना चाहता हूँ क्योंकि मैं अहिंसा के पथ पर हूँ | क्या आपके पास मेरे लिए कुछ सुझाव है ?
श्री श्री रविशंकर : यह सब आपके दिमाग में है, कि आपको प्रोटीन चाहिए | आप जानते हैं घोड़ों में इतनी शक्ति होती है, इतना प्रोटीन होता है, और वे शाकाहारी हैं | हाथी भी शाकाहारी हैं | आप कल्पना भी नहीं कर सकते | बैल भी शाकाहारी होते हैं | हम होर्स पावर कहते हैं | शक्ति भी घोड़ों के हिसाब से नापी जाती है | घोड़ा केवल घास और हरे चने खाता है |
शाकाहारी भोजन में बहुत प्रोटीन होता है | यह केवल हमारे दिमाग में, हमारी सोच में है, पर ऐसा नहीं है | बादाम, नट्स, और दालें खाइए, इन सब में प्रोटीन होता है | आपको केवल शाकाहारी होने की आवश्यकता नहीं है, आप दूध से बनी चीज़ें खाइए | चीज़, पनीर, दूध, इन सब में प्रोटीन है |
आप वीटग्रास जूस, या स्पीरुलिना ले सकते हैं | यह अमरीका में बहुत प्रचलित है |
उत्तरी अमरीका की बहुत सी जनता शाकाहारी बन रही है | इसलिए अपने दिमाग से निकाल दीजिये की आपको मासाहारी भोजन की आवश्यकता है | आपको वास्तव में इसकी आवश्यकता नहीं है | आपका शरीर शाकाहारी भोजन के लिए बना है | आपकी लार में एक पदार्थ होता है, टैलीन | यह केवल शाकाहारी जंतुओं में पाया जाता है | आपको यह सिंघों, भेड़ियों, शेरों में नहीं मिलेगा |
शाकाहारी पशुओं की लम्बी अंतड़ियां होती है; आपकी भी हैं | शेरों की नहीं होती, कुत्तों की नहीं होती |
आपका पूरा शरीर यह बताता है | आपके पास माँसाहारी पशुओं जैसे दांत नहीं हैं | आपके दांत बंदरों जैसे हैं, जो हमारे पूर्वज हैं, गाय, और हाथी जैसे हैं | मैं हाथी के गजदंत की बात नहीं कर रहा हूँ, पर हाथी के मुंह के अन्दर के दांत हमारे जैसे हैं |
यह हमारे दिमाग की गलत समझ है की यदि मैं मीट खाना बंद कर दूंगा तो कमज़ोर हो जाऊँगा | यह केवल मन का भ्रम है |

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