यहाँ मुझे बहुत ख़ुशी और शांति मिल रही है| मेरा ह्रदय सचमुच तृप्त हो गया है| जैसे ही मैं बाहर जाता हूँ, सारी नकारात्मकता वापिस आ जाती है| मुझे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है|इन समस्याओं से कैसे लडूँ? यहाँ से जाने के बाद सकारात्मकता कैसे बनाए रखें?
श्री श्री रवि शंकर : तुम अपने भीतर की एक ताक़त को भूल रहे हो - प्रार्थना और तुम्हारे संकल्प की शक्ति| तुम साधना करते रहो और तुम्हारी देख-भाल होती रहेगी| प्रार्थना में छोटी-मोटी चीज़ें मत माँगो| बड़ी चीज़ माँगो - सरकार अच्छी और स्थिर हो, ये ज्ञान और भी ज़्यादा लोगों तक पहुंचे| इस समाज को दिव्य बनाना तुम्हारा कार्य है| तुम एक सामूहिक आन्दोलन शुरू कर सकते हो| अच्छे लोग ज़्यादा हैं और जो दंगे करते हैं वे बहुत कम मात्रा में हैं लेकिन उनके प्रभाव से लगता है कि वे कई सारे हैं| तुम सब साथ में एकजुट हो जाओ फिर देखो तुम कैसा परिवर्तन ला सकते हो|
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